भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय अंतर्स्थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान बैरकपुर तथा इसके क्षेत्रीय केन्द्रों में हिंदी सप्ताह का आयोजन



भा. कृ. अनु. प. - केन्द्रीय अंतर्स्थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान बैरकपुर मुख्यालय में दिनांक 14-21 सितम्बर, 2016 के दौरान हिंदी सप्ताह का आयोजन किया गया। इस दौरान अहिन्दी भाषी एवं हिन्दी भाषी कर्मचारियों के लिए अलग अलग विभिन्न प्रतियोगिताए जैसे- हिंदी निबंध लेखन, टिप्पणी एवं पत्र लेखन, प्रशासनिक शब्दावली एवं श्रुत लेखन आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सप्ताह के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं में सभी में काफी उत्साह दिखाई दिया। सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता को समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि श्री आथर्व त्रिपुरारी, विशेष महानिरीक्षक एवं उप महानिरीक्षक (ए. पी., बैरकपुर) तथा संस्थान के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डा. एन. पी. श्रीवास्तव द्वारा सम्मानित किया गया। समापन समारोह के दौरान अपने उदबोधन में डा. बी. पी. मोहान्ति ने वैज्ञानिक एवं प्रचलित पत्रिकाओं में वैज्ञानिक लेखों का हिन्दी रूपांतरण प्रकाशित करने पर जोर दिया। डा. उत्तम कुमार सरकार ने कहा कि संस्थान में हिन्दी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं से समस्त कर्मचारियों को समय समय पर अवगत कराया जाए एवं प्रोत्साहित किया जाए। श्री नवीन कुमार झा प्रशासनिक अधिकारी ने अपने उदबोधन में सरकारी नीतियों एवं संवैधानिक दायित्वों पर सभासदों को अवगत कराया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के लिए हिन्दी कार्यों को लिए प्रेरणास्त्रोत बनने का निवेदन किया। डा. मलय नस्करए वित्त व लेखा अधिकारी तथा प्रधान वैज्ञानिक ने अपने संक्षिप्त उदबोधन में हिन्दी को सबसे पहली व्यवहारिक रूप में अपनाने की सलाह दी। है। मो0 कासिम, प्रभारी, हिन्दी कक्ष ने संस्थान में हिन्दी कार्यों एवं गतिविधियों का व्यौरा पेश किया एवं हिन्दी में और कार्य करने की जरूरत पर बल दिया।


 


समारोह के विशेष अतिथि डा. एन. पी. श्रीवास्तव ने हिन्दी भाषा के प्रयोग के लिए सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हिन्दी ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत प्रगति की है। विज्ञान एवं तकनीकी का क्षेत्र ऐसा है जहाँ अभी भी काम होना बाकी है। इस दिशा में भी प्रयास किये जा रहे हैं। हिन्दी जल्दी ही अपने उस मुकाम को प्राप्त करेगी जिसकी वह सही मायने में हकदार है। इस उपलक्ष्य में उन्होंने स्वरचित कविता का पाठ किया एवं हिन्दी सप्ताह के सफलतापूर्वक आयोजन पर संस्थान को बधाई भी दी। मुख्य अतिथि ने अपने व्याख्यान का प्रारंभ संस्थान के निदेशक डा. बि. के. दास को हिन्दी सप्ताह के सफलतापूर्वक आयोजन पर बधाई देते हुए हर्ष प्रकट किया कि वे संस्थान में हो रहे हिन्दी के कार्यों से बहुत प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दशकों से अंग्रेजी भाषा के समाज में वर्चस्व के कारण हिन्दी पढ़ना एवं लिखना नई पीढ़ी के लिए थोड़ा कठिन होता जा रहा है। उन्होंने समाज में हिन्दी से ज्यादा अंग्रेजी भाषा को पसन्द करने के कारण भारतीय समाज से अनेकानेक विधाओं के लुप्त हो जाने के बारे में अपने विचार रखे।


 


इस मौके पर संस्थान के निदेशक डा. बि. के. दास ने समस्त कर्मचारियों को हिन्दी सप्ताह के सफलतापूर्वक आयोजन पर बधाई दी और आशा जताई कि संस्थान में सरकारी कामकाज के अलावा वैज्ञानिक और तकनीकी विषयों में भी हिन्दी का बहुतायत प्रयोग होगा। उन्होंने आग्रह किया कि सभी कर्मचारी कम से कम हिन्दी में अपने हस्ताक्षर करके हिन्दी की वृद्धि में योगदान दें। उन्होंने अपने सम्बोधन में हिन्दी के प्रसार और सरलीकरण के लिए आधुनिक उपकरणों एंव इंटरनेट के प्रयोग पर भी जोर दिया। निदेशक महोदय ने कार्यालय में भारत सरकार के दिशा निर्देशों का सुचारू रूप से पालन करने के निर्देश भी सभासदों को दिये। केवल इस संस्थान के मुख्यालय में ही नहीं बल्कि संस्थान के अन्य केन्द्रों जैसे इलाहाबाद केन्द्र, बैंगलोर केन्द्र, गुवाहाटी केन्द्र तथा वडोदरा में भी हिन्दी सप्ताह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आमंत्रित अतिथियों ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से हिंदी में अधिकाधिक काम करने का आग्रह किया। इस मौके पर आयोजित प्रतियोगिता के सफल कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया।


संस्थान के इलाहबाद केंद्र में राजभाषा हिन्दी पखवाड़ा का समापन समारोह


केंद्रीय अन्तर्स्थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान के क्षेत्रीय केन्द्र, इलाहाबाद में राजभाषा हिन्दी पखवाड़ा का आयोजन किया गया। पखवाड़े के अन्तर्गत पाँच प्रतियोगिताओं, वाद-विवाद, निबन्ध लेखन एवं राजभाषा ज्ञान आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने उल्लासपूर्वक बढ़-चढ़ कर भाग लिया। समापन पर्व दिनांक 24 सितम्बर, 2016 को केन्द्र के सभागार में सम्पन्न किया गया ।

समापन समारोह की मुख्य अतिथि डा० अनीता गोपेश, विभागाध्यक्ष, जन्तुविज्ञान विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय थीं। विशिष्ट अतिथि इस केन्द्र के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभागाध्यक्ष, डा० आर० एस० पंवर और अन्य अतिथि श्री योगेश जोशी, पूर्व वित्त अधिकारी, जल निगम थे। क्षेत्रीय प्रभागाध्यक्ष, डा० कृपाल दत्त जोशी ने अपने स्वागत भाषण में केन्द्र में राजभाषा हिन्दी क्रिया-कलापों एवं आयोजित प्रतियोगिताओं तथा विजयी प्रतिभागियों की घोषणा की। सभी विजयी प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए ।

मुख्य अतिथि महोदया ने अपने सम्बोधन वर्तमान में हिन्दी के प्रचार-प्रसार की अवश्यकता पर बल देते हुए कहा हिन्दी विश्व में तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है, अतः हम सभी का दायित्व है कि मातृभाषा के महत्व को समझें और इसका विकास करें। उन्होने क्षेत्रीय केन्द्र पर हिन्दी में हो रहे कार्यों की प्रशंसा की तथा भविष्य में इसी तरह के आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया। उपस्थित अतिथियों ने सभी वैज्ञानिकों से अपील की कि वह अपने शोधपत्रों / संकल्पों को हिन्दी राजभाषा में ही प्रकाशित करने की कोशिश करें ताकि उनका लाभ कम पढ़े-लिखे किसानों को मिल सके । उन्होने विज्ञान लेखन में राजभाषा हिन्दी के योगदान पर भी प्रकाश डाला।

अन्त में क्षेत्रीय प्रभागाध्यक्ष ने माननीय मुख्य अतिथि महोदया एवं विशिष्ट अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया । कार्यक्रम में श्री मनीष कुमार सिंह, कनिष्ठ लिपिक को कार्यालय में समस्त राजभाषा सम्बन्धी कार्य के सफल निष्पादन हेतु पुरस्कृत किया गया। उन्होने सभी वर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिन्दी पखवाड़ा सफल बनाने में उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ० डी०एन० झा, वैज्ञानिक ने किया ।