संस्थान द्वारा पश्चिम बंगाल के नवद्वीप और फरक्का में रैंचिंग कार्य
26 मई, 2022
राष्ट्रीय रैंचिंग कार्यक्रम के तहत, भाकृअनुप-केंद्रीय अन्तर्स्थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर, कोलकाता ने पश्चिम बंगाल में 2 दिवसीय रैंचिंग कार्यक्रम के दौरान दिनांक 25 मई 2022 को फरक्का तथा 26 मई 2022 को नवद्वीप में गंगा नदी में इंडियन मेजर कार्प प्रजातियों के मत्स्य बीजों को छोड़ा है। प्रथम दिन, 25 मई 2022 को फरक्का में इंडियन मेजर कार्प प्रजातियों (लेबियो रोहिता, लेबियो कतला और सिरहिनस मृगला) के 2 लाख वाइल्ड फिश जर्मप्लाज्म को छोड़ा गया किया। इस कार्यक्रम में सहायक मत्स्य निदेशक, श्री अमलेंदु बर्मन ने गंगा नदी के संसाधन क्षेत्रों और मछली विविधता के महत्व पर प्रकाश डाला। ब्लॉक विकास अधिकारी, श्री जुनैद अहमद और पुलिस उप-आयुक्त, श्री नरेश तलवार ने मछुआरों को मछली पकड़ने के गैर-पारंपरिक तरीकों जैसे विषाक्त पदार्थों और छोटे छिद्रों वाले जाल के प्रयोग के निषेध के बारे में जागरूक किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय गंगा स्वच्छ अभियान के परियोजना मुख्य संचालक तथा सिफरी के निदेशक, डॉ बि के दास ने बताया कि राष्ट्रीय रैंचिंग कार्यक्रम-2022 के तहत सिफरी ने वर्ष 2022 में गंगा नदी में इंडियन मेजर कार्प प्रजातियों के 6 लाख से अधिक जर्मप्लाज्म को छोड़ा है, जिससे गंगा नदी के मात्स्यिकी पुनरुद्धार तथा मछुआरों के आजीविका उन्नयन में मदद मिलेगी। फरक्का में आयोजित इस रैंचिंग कार्यक्रम में सिफरी के एनएमसीजी परियाजना टीम तथा फरक्का के स्थानीय लोगों के अलावा मछुआरे, फरक्का बराज के अधिकारीगण और मीडियाकर्मी 100 से अधिक लोग उपस्थित थे।

इसी क्रम में दिनांक 26 मई 2022 को नवद्वीप के मायापुर में गंगा नदी में दो लाख भारतीय मेजर कार्प के बीजों की रैंचिंग की गई। इन बीजों को कृत्रिम रूप से गंगा के ब्रूड मछलियों के पालन से विकसित किया गया है। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक, डॉ बि के दास ने स्थानीय मछुआरों को नदी मे मत्स्य पालन के प्रति जागरूक करते हुए नदी पुनरुद्धार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मछुआरों के आजीविका का का मुख्य आधार “अविरल धारा’ एवाओ निर्मल धारा वाले सिद्धांत पर नर्भर है। इस कार्यक्रम का आयोजन सहायक मत्स्य निदेशक, सचिव, पीएफसीएस और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और मछुआरों के सानिध्य में किया गया।




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